Transfer Certificate (TC) : General rule and precautions in hindi

Transfer Certificate (TC) – General rule and precautions in hindi :

जब भी कोई विद्यार्थी अध्ययन पूर्ण / विद्यालय की उच्चत्तम कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात / अध्ययन के दौरान विद्यालय छोड़ता है | तब उसे अन्य शिक्षण संस्थान में प्रवेश हेतु वर्तमान विद्यालय से स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) प्राप्त करना पड़ता है।

1. विद्यालय से कोई भी विद्यार्थी नियमानुसार एक बार ही मूल स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) प्राप्त कर सकता है। अतः पोर्टल से जारी किया जाने वाला मूल स्थानांतरण प्रमाणपत्र भी एक बार ही जारी किया जा सकेगा।

2. किसी भी कारण से किसी student की पूर्व की भांति offline टीसी जारी की जाती है | उस परिस्थिति में student को online मूल transfer certificate जारी नहीं किया जा सकेंगा |

3. पूर्व में जारी किये जा चुके offline स्थानांतरण प्रमाणपत्र (transfer certificate) पर ही शाला दर्पण क्रमांक का इंद्राज कर दे | शाला दर्पण portal पर online जारी किये गये शाला दर्पण क्रमांक का इन्द्राज स्कॉलर रजिस्टर (School SR register) में आवश्यक रूप से कर दे । ध्यान रहें कि संस्था प्रधानों द्वारा केवल मात्र offline /online स्थानांतरण प्रमाणपत्र (transfer certificate) में से एक ही मूल स्थानांतरण प्रमाणपत्र signature कर जारी किया जाना हैं |

4. Transfer certificate student का एक important दस्तावेज है, जो त्रुटिहीन होना चाहिए। Student का विस्तृत विवरण प्रपत्र (प्रपत्र 9) भरते समय Shala Darpan प्रभारी पूर्ण सावधानी बरते, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि (mistake) की संभावना कम की जा सकें |

5. सभी विधार्थियों की समस्त सूचनाएं पूर्ण हो जाने के पश्चात प्रत्येक कक्षा अध्यापक से बच्चों की जन्म दिनांक, नाम, पिता का नाम, माता का नाम, SR क्रमांक आदि आवश्यक रूप से जाँच करवावें, ताकि error की संभावना नगण्य हो सकें |

6. यदि फिर भी school से कोई त्रुटी हो गई है, तो transfer certificate जारी करने से पूर्व सभी त्रुटियों का सुधार करें |

7. TC जारी करते समय ड्राफ्ट TC का मिलान SR रजिस्टर की समस्त प्रविष्ठियो से कर लें, जिससे समय रहते त्रुटि सुधार किया जा सकें | एक बार टीसी जारी करने के पश्चात उसमें किसी भी प्रकार का modification संभव नहीं होगा।

8. उपरोक्त बिन्दुओ के अनुसार जारी online transfer certificate में यदि फिर भी कोई त्रुटी रह गई हो तो ऑनलाईन टीसी में किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होने के कारण, ऐसे विद्यार्थियो की जारी original online टीसी पुनः प्राप्त कर पूर्व की भॉति एसआर रजिस्टर से हस्तलिखित टीसी जारी की जा सकेगी। उस हस्तलिखित टीसी पर पूर्व में जारी online transfer certificate का Shala Darpan क्रंमाक अंकित करना आवश्यक होगा।

9. यदि संस्था प्रधान द्वारा भूलवंश portal पर किसी एक विद्यार्थी के स्थान पर किसी अन्य विद्यार्थी की टीसी जारी कर दी गई है तो ऐसे student की टीसी निरस्त नहीं की जा सकेगी। ऐसी स्थिति में गलत टीसी जारी विद्यार्थी का पुनः प्रवेश (re admission) new SR no. (एसआर नम्बर ) जारी कर किया जा सकेगा | इसमें विद्यार्थी का डाटा पुराने SR number से TC क्रमांक का इन्द्राज कर प्राप्त किया जा सकेगा।

10. विद्यालय से कोई छात्र किसी कक्षा (विद्यालय की अंतिम कक्षा को छोडकर) में उत्तीर्ण होता है, तो उसे स्वभाविक रुप से अगली कक्षा मे क्रमोन्नत कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी की TC नये सत्र के अनुसार जारी की जाएंगी।

11. बिन्दु संख्या-10 के अनुसार transfer certificate जारी करते समय विकल्प लगातार अनुपस्थित (absent) रहने के कारण नाम पृथक का उपयोग कर टीसी जारी की जावेगी | जिससेstudent की नये सत्र मे उपस्थिति शून्य मानी जावेगी तथा student को किसी भी प्रकार का शुल्क (fee) देय नहीं होगा।

12. बिन्दु संख्या-10 के अनुसार यदि नये सत्र मे student द्वाराschool fee जमा करा दिया गया है | तब उसे क्रमोन्नत कक्षा में अध्ययनरत दर्शाते हुए टीसी जारी की जा सकेगी तथा टीसी में student के नये सत्र की उपस्थिति दर्शानी होगीं ।

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स्थानांतरण प्रमाणपत्र जारी करने से पूर्व अभिभावक / विद्यार्थी से प्रार्थना-पत्र व नियत शुल्क प्राप्त कर लिया जाना चाहिए। स्थानांतरण प्रमाणपत्र की दूसरी प्रति जारी करने से पूर्व निर्धारित राशि का stamp प्राप्त करना आवश्यक होता है |

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