NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 10 Pdf

प्रिय विद्यार्थियों और सम्मानित साथियों ,
आज के इस लेख में हम कक्षा 10 के विज्ञान विषय की अध्ययन सामग्री के बारें में चर्चा करेंगें। जिसमें एन.सी.ई.आर.टी. के पाठ्यक्रम के अनुसार चर्चा करेंगें।

एन.सी.ई.आर.टी. के पाठ्यक्रम का केन्द्रिय बोर्ड के साथ – साथ विभिन्न राज्य बोर्ड भी अनुपालन करते है। जैसे – राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड। इसमें विद्यार्थियों को करके सीखने पर बल दिया जाता है। बच्चों की प्रकृति जिज्ञासु बनायी जाती है, ताकि उनकी रूचि विषय में पैदा हो सके।

हमारी टीम के द्वारा अध्याय का हल हिन्दी तथा अंग्रेंजी दोनो भाषाओं में उपलब्ध करवाया गया है। जिससे आपको अलग – अलग इसके लिए प्रयत्न नहीं करने पड़े। इसी के साथ पाठ्यपुस्तक के अध्याय भी आपको उपलब्ध करवाए जा रहे है, ताकि आपको पुस्तक की आवश्यकता होने पर इधर – उधर प्रयास नहीं करना हो।

इस लेख में हम अध्याय 10 के बारें में चर्चा करेंगें। अध्याय का नाम प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन रहेगा। आप जानते है कि जब कमरें में रात में अंधेरा रहता है, तब आप देख नहीं पाते। लेकिन जैसे ही प्रकाश किया जाता है। तब आप सब स्पष्ट देख पाते है, के बारें में चर्चा करेंगें।
जब भी सूर्य का प्रकाश किसी वस्तु पर गिरता है। तब वह वस्तु प्रकाश को परावर्तित कर देती है। जब यह परावर्तित प्रकाश हमारी आंखों पर पहुंचता है। तब वस्तु हमें दिखाई देती है।ं हम किसी भी माध्यम के आर-पार देख पाते है। क्यों कि सूर्य का प्रकाश उस माध्यम को पार कर जाता है।
प्रकाश की कुछ अन्य घटनाएं भी होती है। जिनके बारें में आपने भी काफी बार जरूर सोचा होगा। जैसे – दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब का बनना, तारों का टिमटिमाना, इन्द्रधनुष के रंगों का दिखाई देना आदि सभी घटनाएं प्रकाश के कारण संभव हो पाती है।
मुख्य रूप से इस अध्याय में हम प्रकाश के कुल दो गुणों पर चर्चा करने वाले है।

  1. प्रकाश का परावर्तन
  2. प्रकाश का अपवर्तन
    दर्पण से प्रकाश का परावर्तन :-
    जब किसी पॉलिस की गई सतह पर प्रकाश गिरता है। तब अधिकांश प्रकाश को परावर्तित कर दिया जाता है। परावर्तन से संबंधित कुछ नियम इस प्रकार से है –
    ऽ आपतन कोण का मान परावर्तन कोण के बराबर होता है।
    ऽ आपतित किरण, दर्पण के आपतन बिंदु पर अभिलंब तथा परावर्तित किरण सभी एक ही तल में स्थित होते है।
    ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है। गोलीय दर्पण कहलाते है। दर्पण कुल तीन प्रकार के होते है –
    उतल दर्पण
    अवतल दर्पण
    समतल दर्पण
    उतल दर्पण का उपयोग मुख्य रूप से वाहनों में पश्च दृश्य का देखने के लिए किया जाता है। अवतल दर्पण का उपयोग मुख्य रूप से टॉर्च, सर्च लाईट तथा वाहनों के हैड लाईट में होता है।
    दर्पण सूत्र :-
    गोलीय दर्पण में बिंब दूरी, प्रतिबिंब दूरी तथा फोक्स दूरी में आपस में संबंध पाया जाता है। जिसे दर्पण सूत्र कहा जाता है।

अध्याय के कुछ मुख्य बिन्दू समायोजित किए गए है, जो इस प्रकार से है –

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