Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana In Rajasthan

दोस्तों सबसे पहले आपका इस पोर्टल पर हार्दिक अभिनन्दन । आज के इस लेख में हम राजस्थान राज्य की एक स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में चर्चा करने वाले है । इस योजना का नाम है – मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana)।

यह योजना राजस्थान राज्य के सभी परिवारों को स्वास्थ्य कवर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना में राजस्थान राज्य में निवास करने वाला कोई भी परिवार अपना पंजीकरण करवा सकता है । यहाँ पर यह योजना (Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana) सभी राज्य कार्मिकों के लिए निःशुल्क है । इसी के साथ अन्य परिवार 850 रू का सालाना प्रीमियम अदा करके इस योजना का लाभ ले सकते है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार एवं लघु व सीमांत किसान तथा संविदा पर कार्यरत कार्मिकों का भी किसी प्रकार का प्रीमियम नहीं लिया जाएंगा। कुल 5 लाख रू तक का कैशलेस उपचार एक वर्ष में लिया जा सकता है। तो चलिए अपने जान लेते है इस योजना के बारें में विस्तार से –

योजना का विचार :-

दोस्तों आप अच्छी तरह से जानते है, कि यदि कोई योजना शुरू की जाती है। तब उसका विचार भी कहीं ना कहीं से जरूर उत्पन्न होता है। इसी तरहा से इस योजना का भी विचार उत्पन्न हुआ है। इस योजना का विचार कहां से आया इस पर चर्चा करते है।

महात्मा गांधी चाहते थे कि सभी के आंसुओं को पोंछा जाएं। कुछ इसी प्रकार से राजस्थान के मुख्यमंत्री श्रीमान अशोक गहलोत चाहते है। कोई भी ऐसा नहीं होना चाहिए जो कि ईलाज के अभाव में अपनी जान गंवा दे। राजस्थान में निःशुल्क दवा वितरण योजना तथा निःशुल्क जाँच योजना पहले से ही चल रही है। यदि आप इनके बारें में विस्तार से जानना चाहते है, तो आप इन पर क्लिक कर सकते है।

राजस्थान राज्य में निवास करने वाले सभी नागरिकों को हेल्थ कवरेज उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बजट घोषणा 2021-22 में इसकी (Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana) घोषणा की गई। इसके बाद दिनाँक 01 मई 2021 से इसे सम्पूर्ण राज्य में लागु कर दिया गया है।

योजना से जुड़ी कुछ महत्त्वपूर्ण तिथि :-

यह योजना दिनांक 01 मई 2021 से शुरू की गई है। योजना के लिए पंजीकरण अप्रैल 2021 से ही शुरू हो गये थे, ताकि 01 मई से योजना का लाभ प्रदान करना शुरू किया जा सके।
जिन्होंने 30 अप्रैल तक पंजीकरण करवाया था, उनका कवर 01 मई 2021 से शुरू हो गया । जो परिवार 01 मई से लेकर 31 मई 2021 तक पंजीकरण करवाते है, उनका कवर पंजीकरण की दिनांक से शुरू कर दिया जाएंगा। अब यदि कोई 31 मई के बाद पंजीकरण करवाता है, तो 01 अगस्त 2021 से उनका कवर शुरू किया जाएंगा। इससे जुड़ा विभागीय आदेश देखने के लिए आप आगे दिए गए लिंक पर क्लिक करें – Click Here

परीभाषाएं :-

बैड क्षमताः-

बैड क्षमता से आश्य अस्पताल में उपलब्ध कुल बैड या बिस्तर से है, जो जिला एम्पेनलमेंट कमेटी द्वारा सत्यापित किये गए है एवं जिनका राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के प्रमाण पत्र में भी उल्लेख किया गया है।

डे-केयर ट्रीटमेंटः-

इससे तात्पर्य उन चिकित्सीय उपचारो या शल्य चिकित्सा से है, जो कि तकनीकी आधुनिकीकरण के कारण जनरल एनेस्थिसिया या फिर लोकल एनेस्थिसिया के अन्तर्गत only 24 घंटे से कम की अवधि में ही किये जा सकते है या कर लिए जाते है। जिन प्रोसिजर्स या फिर पैकेजेज में मरीज का 24 घंटे अस्पताल में रूकना आवश्यक नही है।

कैशलेस उपचारः-

कैशलेस उपचार से आश्य है कि इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवार के सदस्य के लिये योजना की आर.एफ.पी. तथा पैकेज की गाइडलाइन से चयनित पैकेज के तहत उपचार के लिए उसे योजना से जुड़े अस्पतालो को किसी भी प्रकार की राशि नहीं चुकानी होगी। अस्पताल को ईलाज के सभी खर्चे का पुनर्भरण बीमा कम्पनी द्वारा अनुबंध की शर्तो के आधार पर कर दिया जाएंगा।

ओपीडी उपचार :-

इसमें मरीज को चिकित्सीय परामर्श, जाँच, उपचार आदि प्रदान किया जाता है परन्तु मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है।

आईपीडी उपचार :-

इसमें मरीज को अस्पताल के आईपीडी अनुभाग में ही भर्ती या एडमिट रहकर उपचार लेना होता है।

बीमा राशि :-

लाभार्थी परिवार के सभी सदस्यो को उपलब्ध साधारण बीमारियों के लिए रु 50,000/- प्रतिवर्ष एवं गंभीर बीमारियों के लिए रु 4.50 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष के लिए स्वास्थ्य बीमा का कवर है।

लामा :-

ऐसी स्थिति जिसमें मरीज चिकित्सक के डिस्चार्ज करने से पहले ही अस्पताल से जाना चाहता हो।

एब्सकॉन्ड :-

ऐसी स्थिति जिसमें मरीज इलाज पूर्ण होने के पूर्व हीं अस्पताल के डॉक्टरों या अन्य स्टाफ को सूचना दिये बिना ही अस्पताल से चला जाता है।

उद्देश्य :-

योजना (Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana) को निम्न उद्देश्य के साथ शुरू किया गया है –
➤ योजना से जुड़े हुए परिवारों का स्वास्थ्य खर्च कम करना।
➤ राज्य का कोई भी नागरिक ईलाज के अभाव में अपने प्राण नहीं गवाएं।
➤ परिवार ईलाज के महँगें खर्च के कारण अपनी जमीन बेचने को मजबुर नहीं हो।
➤ रसुखदारों के यहाँ से कर्जदार नहीं हो।
➤ राजकीय चिकित्सालयों के साथ – साथ निजी चिकित्सालयों में गुणवतापूर्ण ईलाज प्राप्त कर सकें।

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आवश्यक दस्तावेज :-

➤ जन आधार कार्ड
➤ आधार कार्ड

पात्रता :-

दो तरह से पात्रता का प्रावधान किया गया है –

बिना प्रीमियम के :-

➤ राज्य के सभी कार्मिक
➤ राज्य में कार्यरत सभी संविदा कार्मिक
➤ राज्य के सभी पेंशनर्स
➤ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं सामाजिक व आर्थिक जनगणना – 2011 के सभी पात्र परिवार
➤ लघु तथा सीमान्त श्रेणी के किसान जिन्होंने योजना में पंजीकरण किया है।

प्रीमियम प्रदान करके :-

➤ राजस्थान के ऐसे परिवार जो ऊपर दी गई श्रेणी से संबंधित नहीं है । वो 50 प्रतिशत प्रीमियम कुल 850 रू. का भुगतान कर इस योजना के साथ जुड़ सकते है।

Note :-

परिवार की कुल आय का इससे कोई संबंध नहीं है।

पंजीकरण की प्रक्रिया :-

पंजीकरण करवाने के लिए आपको सबसे पहले एस.एस.ओ. पोर्टल पर रजिस्ट्रेसन की आवश्यकता होती है। जो आप ईमित्र या स्वयं कर सकते है।
यहाँ पर यदि आपके पास जन आधार कार्ड नहीं है, तो आप मात्र 5 मिनट में वीडियों की सहायता से अपना जन आधर कार्ड बना सकते है। वीडियों के लिए आगे दिए गए वीडियों लिंक पर क्लिक करें

तत्त्पश्चात आप नीचे दी गई वीडियों की प्रक्रिया के आधार पर पंजीकरण कर सकते है।

योजनार्न्तगत लाभ लेने की प्रक्रिया :-

  • योजना में निःशुल्क उपचार का लाभ (Profit) प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चरण बनाएं गए है। जिनकी पालना सुनिश्चित की जायेगी-

पात्र परिवार की पहचान करना :-

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सबसे पहला कार्य पात्र परिवार की पहचान करना ही है। जो जन-आधार कार्ड नम्बर/जन-आधार ईआईडी/ पॉलीसी दस्तावेज/आधार कार्ड के माध्यम से की जा सकेगी। इसलिए मरीज को चाहिए कि अस्पताल में भर्ती के समय ही योजना के काउन्टर पर उपस्थित कार्मिक को उक्त जानकारी प्रदान करें । जिससे परिवार की पात्रता को सुनिश्चित किया जा सके।

लाभार्थी की पहचान :-

पात्र परिवार की पहचान के बाद में मरीज की पात्रता की जांच की जायेगी। इसके लिए कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में जन-आधार कार्ड का नम्बर या फिर पंजीयन नम्बर डालने पर परिवार की श्रेणी एवं सदस्यों का विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। जिसमें मरीज को चिन्ह्ति करेंगे। इसके बाद मरीज का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन किया जायेगा। इसी के साथ मरीज के अस्पताल में भर्ती एवं डिस्चार्ज के समय वैब कैमरा के सामने लाइव फोटो भी लिया जायेगा। जिससे किसी अपात्र को लाभ नहीं दिया जाएं।

उक्त सभी प्रक्रिया के पूर्ण हो जाने पर मरीज को योजना का लाभ दिया जा सकेगा। उपलब्ध पैकेज के अनुसार ही यहाँ मरीज का इलाज प्रारंभ किया जायेगा।

एक वर्ष तक के बच्चे के ईलाज के सम्बन्ध में प्रावधान :-

पात्र परिवार के जन-आधार कार्ड के विवरण में नाम सम्मलित नहीं होने पर भी उस परिवार के एक वर्ष तक आयु के बच्चे को योजना के अन्तर्गत ईलाज देने का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके लिए आपको जन-आधार कार्ड में दर्ज परिवार के किसी भी उपलब्ध सदस्य जो भी अस्पताल में उपस्थित हो। के नाम से बच्चे की टीआईडी जनरेट कर उपचार किए जाने का प्रावधान है।

यदि बच्चे की आयु एक वर्ष से अधिक है। तब बालक का नाम यदि जन-आधार कार्ड में नहीं है, तो उस बालक का ईलाज इस योजना के अन्तर्गत नहीं किया जा सकेगा। तब पहले आपको ई-मित्र की सहायता से नाम जुड़वाना होगा। नाम जुडने के पश्चात योजना के अन्तर्गत निःशुल्क ईलाज जन-आधार कार्ड के आधार पर किया जा सकेगा।

05 वर्ष की आयु तक के बालक या बालिका के ईलाज के सम्बन्ध में किए गए प्रावधान :-

पांच वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चे के ईलाज/ उपचार के लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन का होना एवं फोटो पहचान पत्र का प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य नहीं है। परिवार पहचान पत्र में जुडे परिवार के किसी भी अन्य सदस्य के ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन द्वारा बच्चे की टीआईडी जनरेट की जा सकेगी। इसी के साथ उपचार किया जा सकेगा ।

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अस्पताल जो योजना के साथ संबंधित है :-

दोस्तों इस लेख में आपने इस योजना के बारें में समस्त जानकारी प्राप्त की। लेकिन यहाँ पर एक बात ध्यान देने योग्य है, वो ये है कि कौनसे अस्पताल में उपचार करवाया जाएं। कि यह निःशुल्क रहें। आपके इसी सवाल का जवाब अब हम आपको देने वाले है। यहाँ पर योजना के साथ राजस्थान राज्य के सभी राजकीय चिकित्सालय संबंधित है। जिनकी संख्या लगभग 750 है। इसी के साथ लगभग 275 निजी चिकित्सालय भी योजना के साथ संबंधित है। यहाँ पर आपके लिए जिलेवार सूची दी जा रही है। लिस्ट देखने के लिए आगे दिए गए लिंक पर क्लिक करें – Click Here

हेल्पलाइन नंबर :- 18001806127

राजस्थान सरकार द्वारा जारी महत्त्वपूर्ण आदेश :-

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